महाराष्ट्र

महाराष्ट्र में लाडली बहन योजना पर सवाल, e-KYC के बावजूद दो महीने से राशि अटकी; महिलाएं परेशान, राज्यभर में शिकायतों की भरमार

मुंबई (काविश-ए-जमील न्यूज) :मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन’ योजना के तहत e-KYC प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद पिछले दो महीनों से लाडली बहनों को प्रति माह 1500 रुपये की आर्थिक सहायता नहीं मिलने की शिकायतें सामने आई हैं। यह मामला महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे तक पहुंचने के बाद उन्होंने आंगनवाड़ी सेविकाओं के माध्यम से प्रत्यक्ष सत्यापन के आदेश दिए हैं। हालांकि, यह आदेश अब तक महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों तक नहीं पहुंच पाए हैं, यह भी स्पष्ट हुआ है।

राज्य सरकार ने पिछले वर्ष लाडली बहन योजना का अनावश्यक लाभ लेने वाली महिलाओं की जांच का निर्णय लिया था। इसके तहत चार पहिया वाहन रखने वाली महिलाओं की जांच की गई, जिसमें राज्यभर में कई महिलाओं को अपात्र घोषित कर उनकी सहायता बंद कर दी गई। जांच के दूसरे चरण में e-KYC को अनिवार्य किया गया। e-KYC के दौरान कई महिलाओं को ओटीपी प्राप्त नहीं होने की समस्या सामने आई, जिसके बाद तलाक या पति अथवा पिता के निधन का प्रमाण पत्र संलग्न करने की शर्त लगाई गई।

वर्तमान स्थिति यह है कि e-KYC पूरा करने के बावजूद पुणे जिले सहित राज्य के कई क्षेत्रों में लाडली बहनों को पिछले दो महीनों से योजना का लाभ नहीं मिला है। इस संबंध में अनेक महिलाओं ने महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ-साथ स्थानीय पंचायत समितियों और नगरपालिकाओं में शिकायतें दर्ज कराई हैं। कुछ मामलों में यह भी देखा गया है कि चार पहिया वाहन रखने वाली महिलाओं को फिर से अनुदान मिलना शुरू हो गया है, जबकि पास में रहने वाली ऐसी महिलाएं, जिन्होंने e-KYC पूरा किया है और अन्य लाभ भी प्राप्त कर रही हैं, उन्हें इस योजना के लाभ से वंचित रखा गया है।

दूसरी ओर, जिन महिलाओं ने e-KYC पूरा नहीं किया है, उन्हें लाडली बहन मानकर अनुदान दिया जा रहा है। कई स्थानों पर पात्र और अपात्र लाभार्थियों की सूचियां ही जारी नहीं की गई हैं, जिससे लाडली बहनों और उनके परिजनों में भारी भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इसलिए पात्र और अपात्र लाभार्थियों की सूची सरकारी वेबसाइट पर प्रकाशित करने की मांग की जा रही है।

इसके अलावा, एक ही परिवार में एक ही लाभार्थी होने के बावजूद, e-KYC पूरा होने, वार्षिक आय ढाई लाख रुपये से कम होने और चार पहिया वाहन न होने के बाद भी कई महिलाओं को अब तक सहायता नहीं मिली है। कई महिलाओं ने e-KYC दोबारा भरने के लिए समय-सीमा बढ़ाने की भी मांग की है।

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