औरंगाबाद नगर निगम चुनाव: महायुति टूटी, भाजपा और शिवसेना आमने-सामने ; एबी फॉर्म का वितरण शुरू, दोनों दलों ने स्वतंत्र चुनाव लड़ने के दिए निर्देश

औरंगाबाद (काविश-ए-जमील न्यूज़): औरंगाबाद नगर निगम चुनाव से पहले महायुति की बातचीत आखिरकार विफल हो गई है। करीब दस बैठकों के बावजूद भाजपा और शिवसेना के बीच सीटों के बंटवारे पर सहमति नहीं बन सकी। सूत्रों के अनुसार, शिवसेना की ओर से संतोषजनक जवाब न मिलने और लिखित प्रस्ताव देने के बाद भी चार सीटों में बदलाव के आग्रह के कारण वार्ता टूट गई। इस स्थिति के बाद भाजपा ने अपने उम्मीदवारों को ‘एबी फॉर्म’ वितरित करने का फैसला किया है।
भाजपा के साथ महायुति के दौरान मंत्री संजय शिरसाट द्वारा अत्यधिक नरमी दिखाए जाने से शिवसेना के कई मजबूत कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय होने की आशंका जताई गई। इसी पृष्ठभूमि में जिला प्रमुख राजेंद्र जंजाल ने विरोध स्वरूप पार्टी का चुनावी कार्यालय छोड़ दिया। इसके बाद सोमवार को संरक्षक मंत्री के निवास के बाहर बड़ी संख्या में शिवसेना कार्यकर्ता एकत्र हुए, जिससे शिंदे गुट के अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आ गए।
इस बीच विधायक प्रदीप जैस्वाल ने भी कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे हालात में गठबंधन तोड़ देना ही उचित है। शिवसेना का आरोप है कि भाजपा की ओर से अनावश्यक दबाव डाला जा रहा था। वहीं दोनों दलों ने महायुति न होने की पुष्टि करते हुए कार्यकर्ताओं को स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने के निर्देश दिए हैं।
इस फैसले के बाद औरंगाबाद में एक बार फिर “सत्ताधारी बनाम सत्ताधारी” की राजनीतिक स्थिति देखने को मिलेगी। सीटों के बंटवारे के दौरान बगावत की आशंकाओं पर भी चर्चा हुई, लेकिन रातभर की बातचीत के बावजूद कोई समाधान नहीं निकल सका और अंततः गठबंधन टूट गया।



