7 सांसदों को मिला संसद रत्न पुरस्कार, महाराष्ट्र के 7 चेहरे शामिल

नई दिल्ली में शनिवार को आयोजित संसद रत्न पुरस्कार समारोह में इस बार महाराष्ट्र के सांसदों का दबदबा देखने को मिला। कुल 17 विजेताओं में से 7 सांसद महाराष्ट्र से हैं। यह पुरस्कार केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू के हाथों प्रदान किए गए। इसके अलावा, 4 सांसदों को विशेष जूरी पुरस्कार से भी नवाज़ा गया।
क्या है संसद रत्न पुरस्कार?
संसद रत्न पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 2010 में प्राइम पॉइंट फाउंडेशन द्वारा की गई थी। यह पुरस्कार उन सांसदों को दिया जाता है जो संसद में पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। विजेताओं का चयन राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष हंसराज अहीर की अध्यक्षता वाली जूरी समिति द्वारा किया गया।
महाराष्ट्र के इन 7 सांसदों को मिला पुरस्कार:
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सुप्रिया सुळे – राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गट)
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अरविंद सावंत – शिवसेना (उद्धव बाळासाहेब ठाकरे गट)
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मेधा कुलकर्णी – भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)
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नरेश म्हस्के – शिवसेना
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वर्षा गायकवाड – कांग्रेस
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श्रीरंग अप्पा बारणे – शिवसेना
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स्मिता उदय वाघ – भाजपा
इनके अलावा निशिकांत दुबे (भाजपा) को भी उनके संसद में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
अन्य विजेता सांसदों में शामिल हैं:
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रवि किशन – भाजपा
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प्रवीण पटेल – भाजपा
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विद्युत बरन महातो – भाजपा
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दिलीप सैकिया – भाजपा
संसदीय समितियों को भी मिला सम्मान:
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वित्त स्थायी समिति (अध्यक्ष: भर्तृहरी महताब)
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कृषि स्थायी समिति (अध्यक्ष: डॉ. चरणजीत सिंह चन्नी)
इन समितियों को उनके उत्कृष्ट रिपोर्टों और विधायी निगरानी में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
विशेष जूरी पुरस्कार प्राप्त सांसद:
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सुप्रिया सुळे
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श्रीरंग बारणे
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भर्तृहरी महताब (ओडिशा, भाजपा)
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एन.के. प्रेमचंद्रन (केरल, क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी)
इन सभी सांसदों को तीन या अधिक बार सांसद रहते हुए संसद में निरंतर और उल्लेखनीय योगदान देने के लिए यह विशेष सम्मान दिया गया।



